Bhoot Siddhi


भूत प्रत्यक्षीकरण प्रयोग 

 

Bhoot Siddhi 

Bhoot is believed to be a fearful entity that normally harm people. Bhoot is believed to be haunted with curses who wants to take revenge by killing the innocent people. But the reality is far away from these facts, Infact Bhoot is an entity like apsaras, yakshas and kinnara. Bhoot normally live with Lord Mahadeva in mount Kailasha and are servants of Lord Mahadeva. 


भूत को एक भयभीत करने वाला प्राणी माना जाता है जो आम तौर पर लोगों को नुकसान पहुंचाता है। माना जाता है कि भूत उन श्रापों से ग्रस्त हैऔर निर्दोष लोगों को मारकर बदला लेना चाहते हैं। लेकिन वास्तविकता इन तथ्यों से बहुत दूर है| वास्तव में अप्सराओं, यक्षों और किन्नरों की तरह है। भूत कैलाश पर्वत में भगवान महादेव के साथ रहते हैं और भगवान महादेव के सेवक हैं।

 

His worship is normally done before the worship of Goddess Durga and other deities. Though resemblance look dreadful but Bhoot is kind in nature and obeys the order quickly. The Bhoot sadhana is revealed by Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimali and any sadhak can perform this sadhana. Use this sadhana only for good personal intentions.


उनकी पूजा सामान्य रूप से देवी दुर्गा और अन्य देवताओं की पूजा से पहले की जाती है। यद्यपि स्वरुप भयानक लगता है लेकिन स्वभाव में दयालुता होती है । साधना का खुलासा गुरुदेव नारायण दत्त श्रीमाली द्वारा किया गया है और कोई भी साधक इस साधना को कर सकता है। इसका उपयोग केवल अच्छे व्यक्तिगत इरादों के लिए करें।

 

How To Do Bhoot Siddhi 

  • यह अमावस्या की रात्रि से ही होता है | अमावस्या की रात्रि को करें |
  • तीन दिन का प्रयोग है | अमावस्या की रात्रि, प्रतिपदा की रात्रि द्वितीया की रात्रि |
  • काली धोती पहन लें | दक्षिण दिशा की और मुंह कर के बैठ जाएं | और काला आसन बिछाएं |
  • काली धोती पहनें | सामने काला वस्त्र बिछा दें और उसके ऊपर भूत वशीकरण गुटिका को रख दें |
  • उसके बाद वीरासन में बैठ कर के मंत्र साधना करें | जैसे मुसलमान नमाज पढ़ते हैं |
  • नमाज़ पढ़ते समय जिस प्रकार से बैठते हैं उस प्रकार से बैठ कर के | इसमें वीरासन में बैठना जरूरी है |
  • ऐसा बैठ कर के मंत्र जाप करना हैं | अपने हाथ से गुटिका नीचे रख दीजिए काले वस्त्र पर |
  • दक्षिण दिशा की और मुंह कर के बैठ जाइये |
  • और सीधा हकीक माला से मंत्र जाप करें | और तेल का दीपक लगा दें |
  • फिर मंत्र जाप | इसमें ॐ नहीं लगता हैं |
  • The Bhoot Siddhi sadhana can be started from night of No-Moon day. The sadhana duration is for three days.
  • The night of Amavasya, the night of Pratipada or after no moon night and the night after.
  • Wear a black dhoti or Dress. Sit facing south.
  • Spread a black cloth in front of you.
  • And place the Bhoot Vashikaran Gutika on this black cloth.
  • Sit in a posture named "Veerasan". The muslims used to sit in this posture while praying.
  • Lit an oil lamp.
  • Chant  the with Energized Hakeek Mala.

Bhoot Siddhi Mantra

 क्रीं क्रीं क्रीं भूतेभ्यो आगच्छ वश्य आज्ञा पालय फट |

Kreem Kreem Kreem Bhootabhyo Aagachch Vashya Agya Palaya Phat

  • यह मंत्र की 101 माला करनी है आपको | यह 101 माला आप रोज 3 दिन तक | 303 माला करनी हैं |
  • साधना में दूध का ही भोग लगाया जाता है |
  • यह प्रयोग थोड़ा तीक्ष्ण है | इसमें कई स्वपन और उपद्रव दिखाई देंगे मगर आप अपने आसन से उठेंगे नहीं |
  • और दूध के बनें हुए प्रसाद को आप पे लें |
  • जब 3 दिन यह साधना संपन्न हो जय तो जरूर आपके सामने कोई व्यक्ति प्रत्यक्ष उपस्तिथ होता हुआ नजर आएगा |
  • और तीसरे दिन भी आप उससे बातचीत नहीं करेंगे | जब 101 माला पूरी हो जय तभी उसके प्रश्न का जवाब दें |
  •  दो दिन तो आप दूध पे लेंगे और तीसरे दिन जो भूत आपने सामने बैठा है उसके सामने दूध रख दीजिए |
  • जब दूध रख देंगे तो वो दूध पी लेगा और अपना नाम बता देगा | यह मेरा नाम है में आपके वश में हूँ |
  • You have to do this 101 mala of mantra for 3 consecutive days. Total 303 rosaries.
  • In the spiritual practice, only milk is offered as an offering or prasad.
  • This experiment is a adventurous. You can observe some fearful activities but you have to keep sitting.
  • After the chants consume the prasad made of milk.
  • When this sadhana is completed after 3 days, then definitely someone will be seen in front of you as a direct presence.
  • And on the third day you will not talk to him. Only answer to his question when the 101 rosary of the mantra is completed.
  • For two first days you will consume the milk and on the third day, place the milk in front of the bhoot.
  • The Bhoot will consume the offered milk and would reveal his name.
  • Thus, he will be in control of you.
  • फिर आप उठ जाईय और स्नान वगैरह कर लीजिए |
  • फिर जब प्रयोग करना हो तो आप इस मंत्र को बोल कर के उसके नाम से आवाज देंगे और काम सौपेंगे | 
  • गायत्री मंत्र जप करने वाला और देवताओं का पूजन करने वाला भी इस मंत्र का जप कर सकता है |
  • जब वो आपके वश  में है तो जो आप आज्ञा देंगे वो उसका पालन करेगा  ही | 
  • Then you get up and take a bath.
  • Whenever you want to use the siddhi, you will speak the name of Bhoot after chanting the mantra.
  • The Bhoot will appear and will obey your orders.
  • The person who chants the Gayatri Mantra and worships the Gods can also chant this mantra.
  • When Bhoot is in your control, he will obey what you command.
  • The beauty of this sadhana is that any sadhak chanting the Gayatri mantra and vedic practice can do this sadhana.

 

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Published on Apr 4th, 2020


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