केसै पाएं पितृ दोष से छुटकारा 21 Ways To Remove Pitra Dosha


केसै पाएं पितृ दोष से छुटकारा 

21 Ways To Remove Pitra Dosha

 

Pitras are the ancestors who had lived before us and our fore-fathers. Pitras has been described in many Hindu scriptures. Pitras are equivalent to Gods. As our body has come into existence because of our ancestors. Pitra Dosha occurs when the soul of our ancestors and departed forefathers does not get peace. 

पितृ हमारे पूर्वज हैं जिन्हें हम देवता के समान पूजते हैं। पितृ हमारे बुजुर्गों के वे सूक्ष्म शरीर हैं जो मृत्यु पर्यंत पुनर्जन्म होने तक विभिन्न लोकों में वास करते हैं तथा अपनी वृत्ति अनुसार भोगों को याद करते हैं, जो उन्होंने इंद्रियों द्वारा इस धरती पर भोगे थे तथा स्थूल शरीर उपलब्ध न होने के कारण उनकी याद में तड़पते हैं। आइए जानते हैं पितृदोष निवारण के उपाय -

 

21 Ways To Remove Pitra Dosha

 

  • ब्रह्मा गायत्री का जप अनुष्ठान कराने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है।
  • प्रतिदिन प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्यदेव को नमस्कार करके यज्ञ करने से पितृ दोष से छुटकारा मिल जाता है।
  • अपने इष्टदेव की नियमित रूप से पूजा-पाठ करने तथा कुत्ते को भोजन कराने से प्रभु दोष का समापन होता है।
  • उत्तराफाल्गुनी, उत्तराभाद्रपद या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में ताड़ के वृक्ष की जड़ को घर ले आएं। उसे किसी पवित्र स्थान पर स्थापित करने से पितृ दोष दूर होता है।
  • शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व कच्चा दूध तथा काले तिल नियमित रूप से पीतल के वृक्ष पर चढ़ाएं। पितृ दोष दूर हो जाएगा।
  • प्रत्येक मास की अमावस्या को अंधेरा होने पर बबूल के वृक्ष के नीचे भोजन खाने से पितृ दोष नष्ट हो जाता है।
  • गाय को पालकर उसकी सेवा करें। मातृ दोष से मुक्ति मिलेगी।
  • किसी धर्मस्थान की सफाई आदि करके वहां पूजन करें। प्रभु ऋण से छुटकारा मिल जाएगा।
  • वर्ष में एक बार किसी व्यक्ति को अमावस्या के दिन भोजन कराने, दक्षिणा एवं वस्त्र देने से ब्राह्मïण दोष का निवारण होता है।
  • अमावस्या के दिन घर में बने भोजन का भोग पितरों को लगाने तथा पितरों के नाम से ब्राह्मïण को भोजन कराने से पितृ दोष दूर हो जाते हैं।
  • यदि छोटा बच्चा पितृ हो तो एकादशी या अमावस्या के दिन किसी बच्चे को दूध पिलाएं तथा मावे की बर्फी खिलाएं।
  • श्राद्ध पक्ष में प्रतिदिन पितरों को जल और काले तिल अर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं तथा पितृ दोष दूर होता है।
  • अपने घर से यज्ञ का अनुष्ठान कराने से स्वऋण दूर होता है।
  • देशी गाय के गोबर का कंडा जलाकर उसमें नित्य काले तिल, जौ, राल, देशी कपूर और घी की धूनी देने से पितृ दोष का समापन हो जाता है।
  • सोमवार के दिन आक के 21 फूलों से भगवान शिव जी की पूजा करने से भी पितृ दोष का निवारण हो जाता है।
  • अपने वंशजों से चांदी लेकर नदी में प्रवाहित करने तथा माता को सम्मान देने से परिजन दोष का समापन होता है।
  • परिवार के प्रत्येक सदस्य से धन एकत्र करके दान में देने तथा घर के निकट स्थित पीपल के पेड़ की श्रद्धापूर्वक देखभाल करने से गुरु दोष से छुटकारा मिलता है।
  • हनुमान जी की पूजा करने तथा बंदरों को चने और केले खाने को दें। भ्राता दोष से मुक्ति मिल जाएगी।
  • घर की बड़ी-बूढ़ी स्त्री का नित्य चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें। मातृ दोष दूर हो जाएगा।
  • सात मंगलवार तथा शनिवार को जावित्री और केसर की धूप घर में देने से रुष्ट पितृ के प्रसन्न होने से पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।
  • पशु-पक्षियों को रोटी आदि खिलाने से सभी प्रकार के दोषों का शमन हो जाता है।

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Published on Sep 10th, 2017


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