Hanuman Ashtak


हनुमान अष्टक

hanuman ashtakam

 

This powerful Hanuman Stotra has the power to banish all troubles from life and to protect you from every obstacles in life. The Stotram was composed by Goswami Tulasidas and is a very effective remedy to remove any sort of problems or trouble in the life. The stotra is like a Shabar Mantra and is tested by many sadhak. The Hanuman Ashtak has the inbuilt ability to remove the immediate problems.
 

How To Chant the Hanuman Ashtakam

  • Sit in a quiet place and start from any auspicious day.

  • Lit an agarbhatti or lit an oil lamp before the picture of Lord Hanuman.

  • Wear yellow or white clothes for this purpose.

  • Meditate on the image of Lord Hanuman for 2 minutes.

  • Take some water in your right hand and state your problems to Lord Hanuman.

  • Throw the water gently on the ground.

  • Recite this Hanuman Ashtak for 1-7 times daily.

  • This is a tested, tested and tested stotra.

Hanuman Ashtakam Text


॥ संकटमोचन हनुमानाष्टक॥
बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक भयो अंधियारों I 
ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात  न टारो I 


देवन आनि करी बिनती तब छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो I 
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I


बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो I 
चौंकि महामुनि साप दियो तब चाहिए कौन बिचार बिचारो I 


कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु सो तुम दास के सोक निवारो I  
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


अंगद के संग लेन गए सिय खोज कपीस यह बैन उचारो I 
जीवत ना बचिहौ हम सो  जु बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो I 


हेरी थके तट सिन्धु सबै तब लाए सिया सुधि प्राण उबारो I  
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


रावण त्रास दई सिय को सब राक्षसी सों कही सोक निवारो I 
ताहि समय हनुमान महाप्रभु जाए महा रजनीचर मारो I 


चाहत सीय असोक सों आगि सु दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो I 
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


बान लग्यो उर लछिमन के तब प्राण तजे सुत रावन मारो I 
लै गृह बैद्य सुषेन समेत तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो I 


आनि सजीवन हाथ  दिए तब लछिमन के तुम प्रान उबारो I
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


रावन जुद्ध  अजान कियो तब नाग कि फाँस सबै सिर डारो I 
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल मोह भयो यह संकट भारो I 


आनि खगेस तबै हनुमान जु बंधन काटि सुत्रास निवारो I  
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


बंधु समेत जबै अहिरावन लै रघुनाथ पताल सिधारो I 
देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो I 


जाये सहाए भयो तब ही अहिरावन सैन्य समेत संहारो I 
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।


काज किये बड़ देवन के तुम बीर महाप्रभु देखि बिचारो I 
कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुमसे नहिं जात है टारो I 


बेगि हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होए हमारो I  
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो I।
              दोहा 
लाल देह लाली लसे , अरु धरि लाल लंगूर I 
वज्र देह दानव दलन , जय जय जय कपि सूर II 

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Published on Aug 20th, 2014


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