Nikhileshwaranand Panchakam


निखिलेश्वरानंद पञ्चकम् 

Nikhileshwaranand Panchakam


Nikhileshwaranand Panchakam is hymn composed by yogi Kinker Swami of Siddhashram and is a very powerful stotram to obtain the divine grace of Gurudev Nikhileshwaranand.

 

It is believed that one who listens or practice this stotram daily can reach the Siddhashram, the center of spiritualism and he can become a perfect siddh yogi in his life. He attains everything in his life by transcending every sin and imperfection.
 

Nikhileshwaranand Panchakam

निखिलेश्वरानंद पञ्चकम्

 नमः निखिलेश्वर्यायै कल्याण्यै ते नमो नमः
नमस्ते रूद्र रूपिण्यै ब्रह्म-मूर्त्यै नमो नमः 

नमस्ते क्लेश हारिण्यै मंगलायै नमो नमः
हरर्ति सर्व व्याधिनां श्रेष्ठ ऋष्यै नमो नमः 

शिष्यत्व विष नाशिन्यै पूर्णतायै नमोस्तु ते
त्रिविध ताप संहत्र्यै ज्ञानदात्र्यै नमो नमः 

शान्ति सौभाग्य कारिण्यै शुद्ध मूर्त्यै नमोस्तु ते 
क्षमावत्यै सुधावत्यै तेजोवत्यै नमो नमः 

नमस्ते मंत्र रूपिण्यै तंत्र रूपे नमोस्तु ते 
ज्योतिषं ज्ञान वैराग्यं पूर्ण दिव्यै नमो नमः 

य इदं पठतं स्तोत्रं श्रृणुया श्रद्धयान्वितम|
सर्व पाप विमुच्यन्ते सिद्ध योगिश्च संभवे 

रोगस्थो रोगतं मुच्येत विपदा त्रानयादपि
सर्व सिद्धि भवेत्तस्य दिव्य देहश्च संभवे 

निखिलेश्वर्य पञ्चकं नित्यं यो पठते नर:
सर्वान् कामानवाप्नोति  सिद्धाश्रमो चावाप्नुयात् 

।। श्री किंकर स्वामी विरचितं निखिलेश्वरानंद पञ्चकं 
सम्पूर्णम् ।।


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Published on Mar 25th, 2014


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